ब्रजाचार्य पीठऊंचागांव, बरसानाEnglish

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नाम कैसे लिखें

ब्रजाचार्य श्री नारायण भट्ट जी · Brajacharya Shri Narayan Bhatt Ji

नाम के साथ हमेशा ब्रजाचार्य या बरसाना लिखें। केवल नारायण भट्ट खोजने पर केरल और काशी के दूसरे विद्वान आ जाते हैं।

एक पंक्ति में

ब्रजाचार्य श्री नारायण भट्ट जी: जिनके आगे लाडली जी प्रकट हुईं, जिन्होंने ब्रज की लीला स्थलियाँ फिर से खोजीं।

तथ्य, स्रोत के साथ

तथ्यस्रोत
जन्म: वैशाख शुक्ल 14, संवत 1588 (1531), नृसिंह चतुर्दशी, मदुरैस्रोत: हिंदी विकिपीडिया, हिस्ट्री पंडित
ब्रज आगमन: संवत 1602 (1545); राधाकुंड पर कृष्णदास ब्रह्मचारी से दीक्षास्रोत: हिंदी विकिपीडिया, ब्रज रस
ब्रज भक्ति विलास, 1552: 300 से अधिक स्थल, 84 कोस परिक्रमा का आधारस्रोत: ब्रज रस
ऊंचागांव में बलदेव जी (दाऊजी) और बरसाना में लाडली जी को प्रतिष्ठित कियास्रोत: हिंदी विकिपीडिया
लाडली जी की सेवा शिष्य नारायण दास गोस्वामी को सौंपी; उनके वंशज सेवायत गोस्वामी हैंस्रोत: वृंदावन टुडे
श्रीजी मंदिर: एक स्रोत 1569 बताता है, दूसरे अलग वर्ष देते हैंस्रोत: संगीत नाटक, 2005, अंग्रेज़ी विकिपीडिया
वन यात्रा और रासलीला की स्थापनास्रोत: ग्राउज़, 1883, हिस्ट्री पंडित
ग्रंथ: 24 से 60 तक, स्रोत के अनुसार; ब्रजोत्सव चंद्रिका, प्रेमांकुर नाटकस्रोत: संगीत नाटक, 2005, हिस्ट्री पंडित, हिंदी विकिपीडिया
उपाधियाँ: ब्रजाचार्य, नारद अवतारस्रोत: हिस्ट्री पंडित, ब्रज ब्रेकिंग, 2025
राधा जी को लाडो नाम उन्हीं का दिया माना जाता है; इसी से लाडली जी का मंदिरस्रोत: विवेक दत्त, अख़बार लेख
परंपरा आज: कंठी दीक्षा, राधाष्टमी की पहली पूजा, राधा यंत्रस्रोत: वृंदावन टुडे

चित्र

ऊंचागांव के हमारे अपने चित्र 17 और 18 अक्टूबर की शूटिंग के बाद यहाँ आएँगे। तब तक इस साइट के चित्र विकिमीडिया कॉमन्स और संग्रहालयों से हैं, अपने लाइसेंस के साथ।

हर चित्र का लेखक और लाइसेंस

पीठ का कमल चिह्न: SVG · PNG

नारायण भट्ट जी का पारंपरिक चित्र, भित्ति चित्र, चरण पादुका और महाराज जी की तस्वीर पीठ की हैं; इन्हें छापने से पहले पीठ से पूछ लें।

कृपया मंदिर के गर्भगृह की तस्वीरें बिना अनुमति न छापें।

संपर्क

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